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#17-महिला सशक्तिकरण

महिला दिवस आज की नारी -नारी सशक्तिकरण समाज की कुरीतियों से अब, लड़ना हमनें सीख लिया, फटेहाल समाज का मुह,…

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#16-गुण्डागर्दी

(GUNDAGARDI) गुण्डागर्दी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, मारना बस मारना है, खर्चा नेताओं के बिल में है। वो…

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#15-हमारी आश

राह से गुजरते हर राहगीर से हमनें आश लगाई है। जमाने के शिले नें हमें यूँ हि भटकता छोड दिया,…

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#14-क्यों न लगें बोझ बेटियाँ

माँ बाप की लाडली बेटी, समझदार जब थोडी होती, दुनियादारी का बोझ सर ले, दुनिया को कंधों पे ढोती, आज…