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#21-दृढ बनो

निकला था अलि भ्रमर में अंजानें मंजिल की खोज, दिल में आश लगाए भटके, मन में मंजिल पानें की सोंच,…

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#20.मैं बुन्देलखण्ड हूँ रो रहा।

न देखी किसी ने दशा वो मेरी, बस हंसते रहे मुस्कुराते रहे, मेरी दशा को उथला दिखा, जग को धता…

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#19.happy-holi

इतिहास के पन्नों तक सिमट कर रह जाएगी यह होली। भविष्य में होली के एण्ड्रयड ऐप होंगे, लोग रंग विरंगी…