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#18-गौरैया The sparrow

सुन गौरैया वर्षों पहले मेरा आंगन महकाती थी, मेरा बचपन फुदक तेरे संग, उछल कूद सिखाती थी, डालूं दाना आंगन…

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#17-महिला सशक्तिकरण

महिला दिवस आज की नारी -नारी सशक्तिकरण समाज की कुरीतियों से अब, लड़ना हमनें सीख लिया, फटेहाल समाज का मुह,…

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#16-गुण्डागर्दी

(GUNDAGARDI) गुण्डागर्दी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, मारना बस मारना है, खर्चा नेताओं के बिल में है। वो…

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#15-हमारी आश

राह से गुजरते हर राहगीर से हमनें आश लगाई है। जमाने के शिले नें हमें यूँ हि भटकता छोड दिया,…

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#14-क्यों न लगें बोझ बेटियाँ

माँ बाप की लाडली बेटी, समझदार जब थोडी होती, दुनियादारी का बोझ सर ले, दुनिया को कंधों पे ढोती, आज…

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#13-ऐ प्रकृति मैं तुझे संभालूं

ऐ प्रकृति मैं तुझे संभालूं। हरियाली मैं तुझे संजोऊँ। पीढी दर पीढी घटती जाए, मूढ कहे तू काम न आए,…

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#12-एक कदम

दे दिया एक कदम दुनिया भर को, अगर है दम तो बढ के दिखा एक कदम, राहों में बिछ गयी…

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#11-एक तरकीब

(EK TARKEEB) मोड कितने आते हैं राह में, हैं कितनें चौराहे, हर जगह संभलना सीखें, न जाएं जिधर मन चाहे।…

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#10-शरद बखानी

(Sharad Bakhani) पानी सरपत से सरकत जाए रे। ठंडी हवा का झोंका रोंवा कंपकंपाए रे, पानी सरपत से सरकत जाए…